छात्रों में सृजनात्मक भाव और ज्ञान का आनन्द जगाना एक शिक्षक का सबसे महत्वपूर्ण गुण है। गुरुओं को सादर नमन-मालाकार
गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥
शिक्षक दिवस का मौका हम सबके लिए खास होता है। 5 सितंबर का दिन एक ऐसा दिन होता है जब हम अपने गुरुओं (शिक्षकों) के द्वारा किए गए मार्गदर्शन और ज्ञान के बदले हम उन्हें श्रद्धा से याद करते हैं।
हम सभी आज जो भी हैं अपने शिक्षकों के प्रयासों और नेक मार्गदर्शन के कारण ही हैं। भारतीय जीवन-दर्शन में गुरुओं को ईश्वर से भी बढ़कर बताया गया है।
शिक्षक हमारे जीवन का वह व्यक्ति होता है जो कि हमें इस जीवन में सही तरीके से रहने का तरीका सिखाते हैं जिनसे हम अच्छे व बुरे की परख करना सिखते हैं। हमारे शिक्षक हमारे लिए हमारे जीवन का अहम हिस्सा होते हैं। इसलिए वे जहां भी अपनी शिक्षा देते हैं वह सब दिन वहां से सम्मान की नजरों से ही हम उन्हें देखते हैं।
हमारे विद्यालय महेंद्र सिंह पटेल मेमोरियल आदर्श विद्यालय नन्देली के सभी शिक्षक शिक्षिकाओं को सादर नमन वंदन-
जिसमें सुश्री दीपिका देवांगन, केंवरा कैवर्त, योगिता पटेल, कमला पटेल, दीपिका पटेल, अनिता पटेल, रोशनी प्रधान, रिंकी त्रिपाठी, नगमा अनंत, निर्मला राणा, रमला राठिया, यशोदा महंत, अवंतिका सिदार, हेमा पटेल, मोतीराम पटेल, रूपलाल, परमेश्वर पटेल, रूप कुमार बरेठ, शिशु राज प्रधान, सुरेश चौहान, तुलसीदास मिश्र, बाबूलाल साहू, किशोर कुमार निषाद, रामाधार चौधरी, गजानंद साहू ,धर्मेश पटेल, आशीष देवांगन, जीवन लाल यादव, खीर सागर साहू, रामभरोस यादव, घसियाराम यादव, सीताराम सारथी, गुरु गोविंद सिंह बैरागी, करण यादव, आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं आप सभी के लिए उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं।
*मन में भीड़ बहुत है क्योंकि इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते आप सभी को प्रत्यक्ष रूप से सम्मान नहीं कर पा रहे हैं जिसकी हमें सदैव ही खेद रहेगा*
*हीरे को दे तराश तो कीमत बढ़ जाती है,
जो विद्या धन हो पास तो जिंदगी सवंर जाती है,
यदि फल – फूल रखों प्रभु के आगे तो प्रसाद बन जाता है,
अगर शिष्य झुके गुरु के आगे तो इंसान बन जाता है।
शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ *
*के.मालाकार*


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